DEVELOPMENT RULES FOR N.A. IN NAGPUR – N.M.R.D

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development rules for N.A.

N.A. के लिए नागपुर में Development नियम – N.M.R.D

क्या आप अपने लिए कोई क्लियर Document वाला Plot सर्च कर रहे हो ?
यदि हां, तो रुको और निचे दिया हुआ ब्लॉग पूरा पढ़ लो हो सकता है ये आपको आपके होने वाले नुकसान से आपको बचा ले।
आज हम बताने वाले है की आपको नागपुर में नागपुर मेट्रो कार्यालय से स्वकृत हुए नॉन एग्रीकल्चर प्लाट और उसके Development Rules के बारे में।

1) Lay-out भूखंडों का उपयोग केवल “आवासीय” उपयोग के लिए किया जाना चाहिए। भविष्य में सभी भूखंडों को आवासी उपयोग के अलावा और किसी मे विभाजित नहीं किया जाना चाहिए, जैसे कमर्शियल, इंडस्ट्रियल आदि |

2) सड़कों के स्वीकृत ले-आउट के साथ उचित समन्वय की आवश्यकता है। आजु बाजु के ले-आउट को मध्यनज़र रखते हुए, पुराने स्वकृत लेआउट को ध्यान रखते हुए नए Lay-out की रचना करना चाहिए, दोनों ले-आउट की connectivity मिलना जरुरी है।

3) ओपन स्पेस Lay-out के लिए आरक्षित ओपन स्पेस का क्षेत्र Lay-out स्पेस के वास्तविक डिजाइन के बाद लेआउट स्पेस के कुल क्षेत्र का 10% से कम नहीं होना चाहिए and ये नए नियम नुसार सभी डेवलप कर के ओपन स्पेस की जगा n.m.r.d को हस्तांतरित करना होता है, जगा पे Public का हक़ होना चाहिए।

4) “सार्वजनिक उपयोग” P.U. LAND स्थान के लिए प्रस्तावित भूखंड क्षेत्र कुल क्षेत्र के 10% से कम नहीं होना चाहिए।। ये भी Land, Land owner को n.m.r.d. से लें सकता है Development के बाद।

5) यदि Lay-out स्थान में कोई पेड़ हैं, तो उन्हें नष्ट किए बिना एक स्थिर स्थिति में बनाए रखा जाना चाहिए।

6) यदि बिजली लाइन / टेलीफोन लाइन विषय भूमि से गुजरती है, तो जिस तरह से आवश्यक दूरी के लिए प्रस्ताव लाया जाना है, संबंधित विभाग के अद्यतन नियमों के अनुसार बाधित नहीं किया जाएगा।

7) इस ड्राइंग में प्रस्तावित निर्माण के लिए विकास नियंत्रण और प्रोत्साहन नियम लागू होंगे। यदि किसी को n.m.r.d स्वकृत plot ख़रीदे तो प्लाट ओनर को n.m.r.d के नियम नुसार ही घर बनना होता है। अब 1500sq. फ़ीट की निचे के प्लाट पे स्वकृत आर्खिटेक के परमिशन पर नए नियमो नुसार घर बना सकते है।

8) संबंधित क्षेत्र/स्थान से जल स्रोत गुजरने पर संबंधित सिंचाई/सिंचाई विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करना होगा।

9) ले-आउट में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था की जानी है।

10) Lay-out रोड, रेनवाटर पाइप, Street लाइट आदि को नियमानुसार ठीक से विकसित और संबंधित ग्राम पंचायत को हस्तांतरित किया जाना चाहिए।

जब तक Development कार्यों को ग्राम पंचायत में स्थानांतरित नहीं किया जाता है so तब तक landlord को रख-रखाव कार्यों को पूरा करना होगा।

11) राजस्व विभाग के स्तर पर भूमि के ownership का पता लगाना आवश्यक होगा।

12)Lay-out सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण धारक/डेवलपर अपने खर्च पर करेंगे। ले-आउट हस्तांतरित करने क बाद ग्रामपंचयत उसे देखभाल कर सकती है and प्लाट ओनर से Tax भी ले सकती है।

13) ले-आउट में सार्वजनिक जल आपूर्ति और अपशिष्ट जल उपचार के निपटान की व्यवस्था भूस्वामी/विकासकर्ता को लागत पर आवश्यक होगी।

Black and Grey Water (बागवानी, लैंडस्केपिंग, फिशिंग, फिश पॉड्स, स्ट्रीट क्लीनिंग, टॉयलेट और यूरिनल यूज़, और वाशिंग के लिए) का निपटान निपटान Developer को अपने खर्च पर करना होगा।

14) एक बार जब Lay-out को अंतः मंजूरी दे दी जाती है, तो नागपुर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के साथ Development कार्य को पूरा करना अनिवार्य होगा।

15) साइट पर निर्माण शुरू करने से पहले, निर्माण योजनाओं को नागपुर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा अनुमोदित किया जाना चाहिए।

16) यह अनुमति आपको नामित भूमि पर Development करने का अधिकार नहीं देती है।

17) महाराष्ट्र क्षेत्रीय और नगर नियोजन अधिनियम, 1966 (एमआरटीपी अधिनियम -1966) की धारा 124 (बी) के अनुसार, भूमि विकास निधि के लिए आवेदक को प्रचलित समय में उक्त भूमि के कुल मूल्य का 0.50% एकत्र करना आवश्यक है त्वरित दर।

18) अपशिष्ट विद्युत उपचार संयंत्र का ले-आउट निर्माण और प्रस्तावित स्थल में विद्युत सबस्टेशन की स्थापना अनिवार्य होगी।

19) यदि सड़क निर्माण के लिए तटबंध 2 मीटर से अधिक ऊंचा है, तो इसे भरने के लिए फ्लाई ऐश का उपयोग किया जाना चाहिए और एक परियोजना भी तैयार की जानी चाहिए।

20) फ्लाई ऐश टाइल्स, फ़र्श ब्लॉक, ईंट, सीमेंट, आदि का उपयोग अनिवार्य होगा।

21)अनुमोदित विकास नियंत्रण और प्रोत्साहन नियमों में प्रावधान संख्या 37 के अनुसार, कुल भूखंड क्षेत्र का 20 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस/एलआईजी (किफायती भूखंडों) MHADA के लिए आरक्षित किया जाना है।

22) अंतिम ले-आउट की एक प्रति के साथ बुनियादी सुविधाओं के लिए लेआउट मानचित्रों को सहायक Lay-out (दक्षिण), Nagpur में जमा करना होगा।


23) ले-आउट धारक/डेवलपर अपनी लागत पर ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना के निर्माण और रखरखाव के लिए जिम्मेदार होगा।

24) Lay-out धारक को विकास समझौते के अनुसार पहले चरण में 20 प्रतिशत प्लॉट करने योग्य क्षेत्र सूची और सार्वजनिक सुविधा स्थान जारी करने के लिए विभाग को एक आवेदन प्रस्तुत करना होगा।

25) यदि Lay-out मानचित्र में प्रस्तावित ‘एमेनिटी स्पेस’ नागपुर मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी को विकसित और हस्तांतरित किया जाता है, तो इसे विकास नियंत्रण नियमों के प्रावधान संख्या 24.4 के अनुसार एक अनुमत क्षेत्र (टी डी आर) बनाने के लिए कार्रवाई की जाएगी।

26) दिनांक 05/01/2021, को नागपुर महानगर क्षेत्र के विकास योजना के विकास नियंत्रण नियमों के २ As.२ के प्रावधान के अनुसार, भूमि को २४.०० मीटर चौड़ी डीपी रोड चौड़ीकरण के तहत नागपुर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण को नि: शुल्क हस्तांतरित किया जाना है।

भूमि ले-आउट प्राधिकरण/जिला कलेक्टर के नाम स्थानांतरित किए जाने हैं।

मित्रो उम्मीद करता हु की आपको इस जानकारी ने संतुष्ट किया होंगा, यदि आपके मन में कोई भी सवाल हो तो जरूर हमे कमेंट करे या कॉल करे, मेल करे ।

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धन्यवाद

अमित राउत
रियल एस्टेट  एक्सपर्ट

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